Abstract:
आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना भारत सरकार की "एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (ICDS)" के अंतर्गत की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के संपूर्ण विकास को सुनिश्चित करना है। इन केंद्रों ने ग्रामीण और शहरी गरीब तबके की महिलाओं एवं बच्चों के जीवन में सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा पोषण आहार, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, टीकाकरण, पूर्व-विद्यालय शिक्षा, और स्वास्थ्य-जागरूकता जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इससे मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है, साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य और बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास में भी सुधार हुआ है। सामाजिक दृष्टिकोण से, आंगनबाड़ी केंद्रों ने महिलाओं में जागरूकता, आत्मनिर्भरता और समुदाय में सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित किया है। ये केंद्र महिलाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और नेतृत्व के अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। आर्थिक रूप से, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है, जिससे उनके परिवार की आय में वृद्धि हुई है। साथ ही, बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा से उनकी शैक्षणिक नींव मजबूत हुई है, जिससे भविष्य में बेहतर आर्थिक अवसर मिलने की संभावना बढ़ी है।